भोपाल। मध्यप्रदेश में छात्रावासों और महाविद्यालयों में बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आलीराजपुर जिले की आदिवासी छात्रा रोशनी कलेश, जो भोपाल स्थित GMC मेडिकल कॉलेज की छात्रा थीं, का शव बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फैल गई।घटना के बाद परिजनों और सामाजिक संगठनों में आक्रोश व्याप्त है। परिजनों का कहना है कि मृत्यु के कारण स्पष्ट नहीं हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रदेश में आदिवासी बालिकाओं की लगातार हो रही संदिग्ध मौतें चिंता का विषय हैं। “बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ” जैसे नारों के बीच छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि यदि छात्रावासों में पर्याप्त सुरक्षा, निगरानी और शिकायत निवारण तंत्र मजबूत हो, तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।प्रशासन ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सामाजिक संगठनों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
प्रदेश में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों को दंडित करने की मांग को लेकर आवाजें तेज हो रही हैं। अब निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे
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