गाडरवाड़ा (नरसिंहपुर), 29 जून। दुद्धी डेम परियोजना को निरस्त करने की मांग को लेकर भारत आदिवासी पार्टी (BAP), जिला नरसिंहपुर के नेतृत्व में सोमवार को गाडरवाड़ा में विशाल एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन आयोजित किया गया। आंदोलन में नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और नर्मदापुरम (होशंगाबाद) जिलों की सीमाओं से लगे करीब 40 गांवों के आदिवासी एवं अन्य समाज के हजारों लोग शामिल हुए।
धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दुद्धी डेम परियोजना का विरोध करते हुए सरकार से इसे निरस्त करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्रस्तावित परियोजना से बड़ी संख्या में ग्रामीणों के विस्थापन की आशंका है तथा उनकी जल, जंगल और जमीन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। लोगों ने एकजुट होकर अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
भारत आदिवासी पार्टी के नेताओं ने कहा कि आदिवासी समाज वर्षों से विभिन्न डेम, उद्योग और विकास परियोजनाओं का बोझ उठाता आया है। अब संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई “सड़क से लेकर सदन तक” पूरी मजबूती के साथ लड़ी जाएगी और प्रभावित ग्रामीणों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
कार्यक्रम में भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह उइके, राष्ट्रीय सदस्य श्री इसराईल खान, प्रदेश सचिव श्री अखिलेश मर्सकोले, जिला अध्यक्ष श्री भलावी (नरसिंहपुर), जिला अध्यक्ष श्री राजेश उइके (नर्मदापुरम), महिला जिला अध्यक्ष श्रीमती मुस्कान धुर्वे सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। अंत में प्रदर्शनकारियों ने सरकार से दुद्धी डेम परियोजना पर पुनर्विचार करते हुए प्रभावित गांवों के लोगों की भावनाओं और मांगों का सम्मान करने की अपील की। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे और व्यापक स्तर पर जारी रखा जाएगा।
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे
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