देवास। जिला चिकित्सालय देवास की नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) की दक्षता और कुशलता से एक 960 ग्राम वजनी प्रीमैच्योर शिशु को नया जीवन मिला है। इस सफल उपचार से वैष्णव परिवार में एक बार फिर खुशियां लौट आई हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि संयुक्त कलेक्टर एवं ओआईसी श्रीमती अंशु जावला के निर्देशन में जिला चिकित्सालय में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में खेताखेड़ी राजोदा निवासी श्रीमती नेहा एवं श्री पंकज वैष्णव के नवजात शिशु का सफल उपचार संभव हो सका।
शिशु का जन्म 26 दिसंबर 2025 को जिला चिकित्सालय देवास में सामान्य प्रसव से हुआ था। मात्र 30 सप्ताह में जन्मे इस प्रीमैच्योर शिशु का वजन जन्म के समय केवल 960 ग्राम था। जन्म के तुरंत बाद शिशु रोया नहीं और उसे एस्फिक्सिया (ऑक्सीजन की गंभीर कमी) की स्थिति थी। सांस लेने में गंभीर परेशानी के चलते तत्काल उसे एसएनसीयू में भर्ती किया गया।
समय से पूर्व जन्म के कारण शिशु के फेफड़े पूर्ण विकसित नहीं थे, इसलिए उसे सीपैप मशीन के माध्यम से कृत्रिम श्वसन सहायता दी गई। साथ ही रक्त एवं आंतों में संक्रमण के उपचार के लिए एंटीबायोटिक दवाएं, सपोर्टिव केयर और कंगारू मदर केयर दी गई। रक्त की कमी के चलते शिशु को ब्लड ट्रांसफ्यूजन जैसी जटिल प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ा।
सिविल सर्जन डॉ. आर.पी. परमार ने बताया कि शिशु के बचने की संभावना बेहद कम थी, लेकिन चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया। 48 दिनों तक निरंतर निगरानी और उपचार के बाद शिशु के स्वास्थ्य में सुधार हुआ। जब उसका वजन बढ़कर 1 किलो 200 ग्राम हो गया, तब 11 फरवरी 2026 को उसे स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज किया गया।
एसएनसीयू प्रभारी डॉ. वैशाली निगम ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में इतने कम वजन के केवल 11 शिशुओं को ही बचाया जा सका है, जो इस उपलब्धि को और भी विशेष बनाता है। इस सफलता में डॉ. वैशाली निगम, डॉ. अनुज चाचरे, डॉ. कार्तिक तिवारी, डॉ. अश्विनी सिंह सहित समस्त नर्सिंग स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
शिशु के स्वस्थ होने पर माता-पिता ने जिला चिकित्सालय की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनका बच्चा बेहद कमजोर था और उन्हें उसके बचने की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल में बेहतर एवं निःशुल्क उपचार मिलने से उनके बच्चे की जान बच सकी। परिवार ने जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।
यह सफलता जिला चिकित्सालय देवास की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और समर्पण का प्रमाण है।
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे
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