नर्मदापुरम। जिले में अवैध खनन के खिलाफ जब भी सख्त कार्रवाई होती है, एक नाम स्वतः चर्चा में आ जाता है — सोनिया मीना। अपने स्पष्ट, दृढ़ और निडर प्रशासनिक तेवर के लिए पहचानी जाने वाली कलेक्टर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वजह है अवैध रेत और मुरूम कारोबार पर लगातार हो रही निर्णायक कार्रवाई, जिसने माफियाओं के नेटवर्क में खलबली मचा दी है।
खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें जिले में सक्रिय होकर लगातार दबिश दे रही हैं। यह स्पष्ट संकेत है कि यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सुविचारित और संगठित अभियान है। हालिया कार्रवाई में 02 पनडुब्बी मशीनों और 06 वाहनों की जब्ती ने यह संदेश साफ कर दिया है कि प्रशासन अब किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
सीमावर्ती क्षेत्रों से लेकर आंतरिक तहसीलों तक निगरानी बढ़ा दी गई है। रात के अंधेरे में संचालित अवैध परिवहन पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन की रणनीतिक कार्यप्रणाली ने उन तत्वों को सीधी चेतावनी दी है, जो अब तक कानून को चुनौती समझते रहे।
सोनिया मीना की कार्यशैली की खासियत है — निर्णय में स्पष्टता और अमल में तेजी। उनके नेतृत्व में प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्राकृतिक संसाधनों की लूट पर कठोर अंकुश लगाया जाएगा।
जनता के बीच भी यह संदेश तेजी से पहुंचा है कि जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय और प्रतिबद्ध है। जहां रेत माफियाओं के लिए यह दौर चुनौतीपूर्ण बन गया है, वहीं आम नागरिकों के लिए यह भरोसे का संकेत है कि शासन-प्रशासन सजग है।
कलेक्टर सोनिया मीना केवल चर्चा में नहीं रहतीं, बल्कि अपने कार्यों से चर्चा का विषय बनती हैं। नर्मदापुरम में उनकी सख्ती और सक्रियता आने वाले समय में अवैध खनन पर और बड़े प्रहार का संकेत दे रही है।
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे
पत्रकार | सच की आवाज़





