पुणे। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर बुधवार देर रात उनके जन्मस्थान शिवनेरी किले में भारी भीड़ के चलते भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस घटना में महिला और छोटे बच्चों सहित कई श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों को तत्काल जुन्नार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। प्रशासन के अनुसार सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, शिवाजी जयंती पर हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु किले पर पहुंचते हैं, लेकिन इस बार देर रात अचानक भीड़ का दबाव अधिक बढ़ गया। हजारों की संख्या में लोग शिव ज्योत और भगवा ध्वज लेकर किले की ओर बढ़ रहे थे। किले के संकरे प्रवेश और निकास मार्ग—हाथी दरवाजा, अंबरखाना के नीचे गणेश दरवाजा—पर अत्यधिक भीड़ जमा हो गई, जिससे रास्ते जाम हो गए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ समय के लिए हालात ऐसे बने कि लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी। भीड़ के दबाव से बचने के लिए कई लोग किले के किनारों और टूटे-फूटे ढांचों की ओर हटने लगे। इसी दौरान धक्का-मुक्की बढ़ गई और कुछ लोग गिर पड़े, जिससे अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि भीड़ के अनुपात में पुलिस बल की तैनाती पर्याप्त नहीं थी। हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से बड़ी भगदड़ नहीं थी, बल्कि भीड़ के अचानक बढ़ जाने से दबाव की स्थिति बनी। सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को काबू में लिया गया।घटना के बाद पुलिस और आपातकालीन सेवाओं ने तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। एम्बुलेंस की मदद से घायलों को तत्काल जुन्नार के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन को और सुदृढ़ करने के संकेत दिए हैं।
शिवनेरी किला ऐतिहासिक और धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां शिवाजी जयंती पर हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं। इस घटना के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे
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