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कहते हैं, अगर इरादा मजबूत हो और जीवनसाथी का साथ सच्चा हो, तो जिंदगी की कोई भी मुश्किल रास्ते में रुकावट नहीं बनती। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की दिव्या झरिया की कहानी इसी बात का प्रमाण है। संघर्ष, सहयोग और आत्मविश्वास—इन तीनों ने दिव्या को डीएसपी बनने की मंज़िल तक पहुंचाया।
सोशल मीडिया के एक पोस्ट के अनुसार, दिव्या झरिया ने अपनी स्कूलिंग नरसिंहपुर में ही पूरी की। पढ़ाई में हमेशा आगे रहने वाली दिव्या ने 12वीं के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग की और फिर एक अच्छी कंपनी में नौकरी भी मिली। लेकिन उनका मन इससे आगे, कुछ बड़ा करने का था। इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और साल 2018 में इंदौर आकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।
पहली बार उन्होंने प्रीलिम्स परीक्षा पास कर ली, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के चलते वे मेंस परीक्षा नहीं दे पाईं। निराशा मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। फिर से तैयारी की, और इस बार उनके हौसले को टूटने नहीं दिया उनके बॉयफ्रेंड—अब पति—आदित्य तिवारी ने, जो खुद भी डीएसपी हैं। स्कूल टाइम से ही दोनों एक-दूसरे के साथ रहे, और यही साथ आगे बढ़ने की ताकत बना।
लगातार प्रयासों और कड़ी मेहनत के बाद साल 2020 में दिव्या की मेहनत रंग लाई और उन्होंने PCS परीक्षा क्रैक कर डीएसपी बनने का सपना पूरा किया।
दिव्या का कहना है—
“जब इंसान सच्चे दिल से कोशिश करता है, तो मेहनत कभी बेकार नहीं जाती। कोशिश जारी रखें, मंज़िल जरूर मिलेगी।”
दिव्या की यह यात्रा न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी बताती है कि सही दिशा, मेहनत और मजबूत साथ—जिंदगी की हर चुनौती को आसान बना सकते हैं।
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे
पत्रकार | सच की आवाज़





