एक ही रात में चार स्थानों पर दबिश, 5 जिंदा कारतूस व दो बाइक जब्त; हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच तेज
देवास। जिले में अवैध हथियारों की तस्करी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए देवास पुलिस ने एक ही रात में चार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 14 देशी पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस और हथियारों की ढुलाई में इस्तेमाल की जा रही दो मोटरसाइकिल जब्त की गई हैं। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े हुए थे। पूछताछ में आरोपियों ने एक-दूसरे को हथियार उपलब्ध कराने और उनकी बिक्री करने की बात स्वीकार की है। आरोपियों की निशानदेही पर अन्य कड़ियों तक भी पुलिस पहुंची है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देशन में जिलेभर में अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) गजेन्द्र सिंह वर्धमान और नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान अंकित रैकवार, साहिल वर्मा, इरफान शेख, अक्षय शिंदे और शुभम पांचाल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके कब्जे से 14 देशी पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस और दो दोपहिया वाहन बरामद किए।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से अवैध देशी पिस्टल खरीदकर अपराधियों तक पहुंचाते थे। हथियारों का सौदा सुनसान स्थानों पर किया जाता था और परिवहन के लिए मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल होता था। पुलिस अब हथियारों के स्रोत और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले से मारपीट, चोरी और आर्म्स एक्ट समेत विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। सभी का विस्तृत आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक श्यामचंद्र शर्मा, उप निरीक्षक जीवन भिड़ोर, उप निरीक्षक संजय वर्मा, कोतवाली थाना, साइबर सेल एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
देवास पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध हथियार रखने, खरीदने या बेचने की जानकारी मिलने पर तत्काल निकटतम पुलिस थाने या डायल-112 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे
पत्रकार | सच की आवाज़






