नीमच | रानापुर
नीमच जिले के ग्राम रानापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने वहां मौजूद मासूम बच्चों पर हमला कर दिया। बच्चों की चीख-पुकार से पूरा परिसर भय के माहौल में बदल गया।
इसी बीच आंगनबाड़ी में मौजूद श्रीमती कंचनबाई ने अद्भुत साहस और मातृत्व का परिचय देते हुए बिना अपने प्राणों की परवाह किए बच्चों को बचाने का बीड़ा उठाया। उन्होंने तिरपाल की मदद से बच्चों को ढंकते हुए एक-एक कर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। उनकी तत्परता से सभी बच्चों की जान बच गई।
हालांकि बच्चों को बचाने के दौरान श्रीमती कंचनबाई स्वयं मधुमक्खियों के भीषण हमले का शिकार हो गईं और गंभीर रूप से घायल हो गईं। उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
श्रीमती कंचनबाई का यह बलिदान मानवता की अमिट मिसाल बन गया है। उन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर कई मासूम जिंदगियों को बचाया।
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे
पत्रकार | सच की आवाज़





