खातेगांव/देवास
खातेगांव वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पलासी से रतनपुर के बीच तथा पलासी क्षेत्र की चंद्रपुरा बीट में वन विभाग की लापरवाही का एक और गंभीर मामला सामने आया है। इन क्षेत्रों में 10 से 15 हरे-भरे सागवान के पेड़ों की अवैध कटाई किए जाने की पुष्टि हुई है।
जानकारी के अनुसार 28 जनवरी की रात वन माफियाओं ने मशीनों की मदद से सागवान के पेड़ों की कटाई की और लकड़ी को वाहन में भरकर फरार हो गए। इस पूरे मामले का खुलासा जनपद सदस्य प्रतिनिधि त्रिलोक उईके द्वारा जारी वीडियो से हुआ है, जिसमें मौके पर कटे हुए पेड़ साफ नजर आ रहे हैं।
वन विभाग के डिप्टी रेंजर मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि सूचना मिलने पर जब वन अमला मौके पर पहुँचा, तब तक माफिया वाहन सहित भाग चुके थे। विभाग द्वारा कुछ लकड़ी जप्त किए जाने की बात कही जा रही है तथा प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
हालांकि इस मामले में कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि वन क्षेत्र के भीतर से माफिया वाहन लेकर कैसे फरार हो गए, जबकि घटनास्थल के आसपास वन विभाग की चौकी, नाके और कर्मचारी मौजूद बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद अवैध कटाई और वाहन सहित फरारी विभागीय निगरानी पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
इसके अलावा जिस स्थान से लकड़ी जप्त की गई है, वहाँ से जीपीएस लोकेशन युक्त फोटो या वीडियो नहीं लिए जाने की बात सामने आई है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि लकड़ी वास्तव में उसी स्थान से जप्त की गई जहाँ कटाई हुई थी।
इस पूरी घटना ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है और वन माफियाओं तक कानून का शिकंजा कब कसता है।
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे
पत्रकार | सच की आवाज़





