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पन्ना टाइगर रिजर्व में बड़ा खुलासा: वनरक्षक ही निकला सागौन तस्करी में शामिल, निलंबित

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126 नग सागौन की लकड़ी जब्त, दो आपराधिक प्रकरण दर्ज; आरोपी फरार…

पन्ना। पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में अवैध सागौन कटाई के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान सामने आया कि वनरक्षक ही अवैध कटाई और चिरान की गतिविधि में संलिप्त था। वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए संबंधित वनरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले में दो अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं। कुल 126 नग (3.581 घन मीटर) सागौन की इमारती लकड़ी जब्त की गई है। दोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, परिक्षेत्र पन्ना बफर अंतर्गत 8 फरवरी 2026 को परिक्षेत्र सहायक छापर एवं वन अमले द्वारा बीट छापर में नियमित गश्ती के दौरान कुछ व्यक्तियों को अवैध रूप से वृक्ष काटकर सिल्लियां तैयार करते हुए देखा गया। वन अमले ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे मौके से फरार हो गए। भागते हुए दो व्यक्तियों की पहचान वनरक्षक संतोष प्रजापति एवं सुरक्षा श्रमिक बिहारी के रूप में हुई। मौके से 7 नग सागौन लकड़ी (1.526 घन मीटर) जब्त की गई।
अगले दिन 9 फरवरी को विस्तृत जांच के बाद दोनों की संलिप्तता पाए जाने पर भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया तथा वनरक्षक को निलंबित कर दिया गया।
11 फरवरी 2026 को आरोपी वनरक्षक के ग्राम बड़ी रूंधी, तहसील अजयगढ़ स्थित निवास पर विधिवत सर्च वारंट के आधार पर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान 119 नग सागौन चिरान (2.055 घन मीटर) बरामद की गई। इस संबंध में पृथक से एक और आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया।
वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अब तक कुल 126 नग (3.581 घन मीटर) सागौन की इमारती काष्ठ जब्त की जा चुकी है। दोनों आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए वैधानिक कार्रवाई जारी है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई के मामलों में किसी भी स्तर पर लिप्तता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्टर—रवि कुमरे
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे

पत्रकार | सच की आवाज़

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