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डॉ. वंदना दुबे के क्लीनिक व ग्राम लोहारी स्थित फिजियोथैरेपी सेंटर का औचक निरीक्षण, कई अनियमितताएं उजागर

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स्वास्थ्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

देवास।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय को प्राप्त शिकायतों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग देवास द्वारा लगातार निरीक्षण व कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को शहरी क्षेत्र देवास में डॉ. वंदना दुबे के क्लीनिक तथा ग्राम लोहारी में संचालित फिजियोथैरेपी सेंटर का औचक निरीक्षण किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजिनी जेम्स बेक ने बताया कि निरीक्षण टीम में नोडल अधिकारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संतोष कोतकर शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान ग्राम लोहारी में फिजियोथैरेपी सेंटर संचालित पाया गया, जो कृति यादव के नाम पर पंजीकृत बताया गया। निरीक्षण के समय कृति यादव उपस्थित नहीं थीं, जबकि वहां रीना देवड़ा नामक फिजियोथैरेपिस्ट मौजूद मिलीं, जिनके पास फिजियोथैरेपी की डिग्री तो है, लेकिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में उनका पंजीयन नहीं पाया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि कृति यादव द्वारा विभिन्न स्थानों पर “दबी हुई नसों के इलाज” से संबंधित भ्रामक विज्ञापन किए गए हैं। बिना किसी चिकित्सकीय परामर्श के मरीजों को सीधे फिजियोथैरेपी दी जा रही है तथा पूर्ण इलाज का दावा किया जा रहा है, जो तथ्यात्मक रूप से गलत पाया गया।

निरीक्षण के दौरान ग्राम लोहारी में डॉ. आई.पी. पटेल द्वारा एमबीबीएस की नाम पट्टिका लगाकर सेवाएं देने की जानकारी मिली, जबकि उन्होंने चाइना से एमबीबीएस करने के बाद मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की है। इसके अतिरिक्त डॉ. विवेक सिंह भदौरिया (बी.ए.एम.एस.) भी उक्त स्थान पर सेवाएं देते पाए गए, जिनका भी सीएमएचओ कार्यालय में पंजीयन नहीं है।

टीम ने पाया कि केंद्र में एलोपैथी पद्धति से इलाज किया जा रहा है, जबकि इसके लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं है। मरीजों के पंजीयन व उपचार से संबंधित कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। मौके से एंटीबायोटिक सहित विभिन्न एलोपैथी दवाइयां एवं इंजेक्शन बरामद किए गए। परिसर में एक मेडिकल स्टोर भी संचालित पाया गया।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित संचालकों को निर्देशित किया है कि वे दो दिवस के भीतर समस्त रिकॉर्ड के साथ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में उपस्थित हों, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

इसके अलावा देवास शहर में स्थित डॉ. वंदना दुबे के क्लीनिक का भी निरीक्षण किया गया। जांच में मरीजों ने बयान दिए कि उन्हें होम्योपैथी पद्धति से उपचार दिया गया है, लेकिन क्लीनिक में मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं का पृथक रजिस्टर संधारित नहीं पाया गया। डॉ. वंदना दुबे को भी दो दिवस के भीतर आवश्यक रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

निरीक्षण दल में जिला विस्तार एवं माध्यम अधिकारी श्रीमती श्रुति गौर तोमर सहित कार्यालयीन कर्मचारी उपस्थित रहे।

रिपोर्टर—रवि कुमरे
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे

पत्रकार | सच की आवाज़

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