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इंदौर की साख पर संकट: भागीरथपुरा कांड से पर्यटन और नमकीन उद्योग प्रभावित

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इंदौर।

स्वच्छता, स्वाद और पर्यटन के लिए देश–दुनिया में पहचान बना चुके इंदौर शहर की छवि को भागीरथपुरा जलकांड से गहरा झटका लगा है। यह मामला अब केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर पूरे शहर की साख, पर्यटन गतिविधियों और विश्व प्रसिद्ध नमकीन उद्योग पर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है।

जनवरी माह, जो आमतौर पर इंदौर के लिए पर्यटन सीजन माना जाता है, इस बार फीका पड़ता नजर आ रहा है। कई विदेशी पर्यटकों और देश के अन्य राज्यों से आने वाले यात्रियों ने अपनी यात्राएं निरस्त कर दी हैं। इससे होटल, ट्रैवल, खान–पान और स्थानीय व्यवसायों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

इस पूरे मामले पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी चिंता जताते हुए स्वीकार किया कि भागीरथपुरा जलकांड से इंदौर की वर्षों की मेहनत पर पानी फिर गया है। उन्होंने कहा कि शहर ने स्वच्छता, स्वाद और विकास के दम पर जो पहचान बनाई थी, उस पर इस घटना ने दाग लगा दिया है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की घटनाओं से घबराकर बैठा नहीं जा सकता।

विजयवर्गीय ने कहा, “इंदौर की प्रगति हमेशा सामूहिक प्रयासों से हुई है। यह एक दुखद घटना है, लेकिन अब नए सिरे से संकल्प लेकर शहर का गौरव वापस लाया जाएगा।”

भागीरथपुरा कांड के बाद शहर के खान–पान व्यवसाय पर भी असर पड़ा है। इंदौर की नमकीन और स्ट्रीट फूड देशभर में मशहूर हैं, लेकिन इस घटना के बाद लोगों में असमंजस और चिंता देखी जा रही है। कारोबारियों का कहना है कि ग्राहकी पर आंशिक असर पड़ा है और बाहर से आने वाले लोगों की संख्या में भी कमी आई है।

पर्यटन के मोर्चे पर भी स्थिति चिंताजनक है। जानकारी के अनुसार मॉरीशस से अधिकारियों का एक दल, जो जनवरी के पहले सप्ताह में इंदौर दौरे पर आने वाला था, उसने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया है। इसी तरह बेंगलुरु सहित अन्य बड़े शहरों और विदेशों से आने वाले कई पर्यटकों ने भी अपनी बुकिंग निरस्त कर दी है।

भागीरथपुरा जलकांड ने प्रशासन और शहरवासियों दोनों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जरूरत इस बात की है कि ठोस कदम उठाकर विश्वास बहाली की जाए, ताकि इंदौर की विश्वसनीयता, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियां फिर से पटरी पर लौट सकें।

शहर की पहचान और गौरव को बचाने के लिए प्रशासनिक सख्ती, पारदर्शिता और सामूहिक प्रयास ही इंदौर को इस संकट से उबार सकते हैं।

रिपोर्टर—रवि कुमरे
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे

पत्रकार | सच की आवाज़

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