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जयंत गोहे

आमला

जिला बैतूल

 

 

108 कुंडीय महायज्ञ के लिए सांझा चूल्हा की पूजा अर्चना के साथ भोजनालय का हुआ शुभारंभ

 

गायत्री परिवार की दीदियों ने की सांझा चूल्हा पूजा

 

आमला।नगर के रेलवे स्टेडियम परिसर में 19 दिसंबर को होने वाले 108 कुंडीय शक्ति संवर्धन महायज्ञ की तैयारियां तेजी से जारी हैं। इसी कड़ी में सोमवार को गायत्री परिवार की दीदियों ने विधि-विधान से सांझा चूल्हा की पूजा-अर्चना कर भोजनालय का शुभारंभ किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए सह-भोज बनाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है, जिससे सभी को एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करने का अवसर मिलेगा। दीदियों ने मंत्रोच्चार के बीच अग्निदेव का आह्वान करते हुए आयोजन की सफलता की कामना की। पूजा के बाद सांझा चूल्हे पर पहली आहुति स्वरूप खीर बनाकर देवताओं को समर्पित की गई। आयोजन समिति ने बताया कि सह-भोज के लिए स्वयंसेवकों की टीमें गठित की जा चुकी हैं। सभी टीमें भोजन सामग्री, पकाने की व्यवस्था और वितरण तंत्र पर काम कर रही हैं।

 

108 कुंडीय यज्ञशाला का निर्माण अंतिम चरण में

 

रेलवे स्टेडियम में तैयार हो रही विशाल 108 कुंडीय यज्ञशाला का काम अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। सुबह से लेकर देर शाम तक कार्यकर्ता मिट्टी भरने, कुंड सजाने और मंडप की सजावट में लगे हुए हैं। यज्ञशाला का स्वरूप ऐसा बनाया जा रहा है कि हजारों श्रद्धालु सुरक्षित और सहजता से यज्ञ में भाग ले सकें। मुख्य यज्ञ मंडप के चारों ओर बड़े-बड़े छायादार पंडाल लगाए जा रहे हैं, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी को असुविधा न हो। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि प्रत्येक कुंड पर अलग-अलग दल तैनात रहेंगे, जिनके साथ यज्ञाचार्य और प्रशिक्षित ब्राह्मण पूरे विधान के साथ कार्यक्रम को संपन्न कराएंगे। मंच, ध्वनि व्यवस्था के साथ 4 स्क्रीन एलईडी डिस्प्ले भी लगाए जा रहे हैं ताकि दूर बैठे श्रद्धालु भी यज्ञ की हर प्रक्रिया को साफ-साफ देख सकें।

 

60 हजार लोगों के लिए व्यवस्था, सह-भोज की तैयारी की जाएगी

 

महायज्ञ के दौरान लगभग 60 हजार लोगों के आगमन का अनुमान लगाया गया है, जिसके लिए भोजन, बैठने, पार्किंग और सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सह-भोज के लिए बड़ा टेंट लगाया गया है, जहां एक साथ हजारों लोग भोजन कर सकेंगे। भोजनालय में रोजाना बड़ी मात्रा में खिचड़ी, दाल, सब्जी और प्रसाद निर्माण की व्यवस्था की जा रही है।

jayant gohe
Author: jayant gohe

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