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इंदौर के गर्ल्स हॉस्टल में आदिवासी छात्रा की संदिग्ध मौत, परिजनों ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

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इंदौर। शहर के विष्णुपुरी स्थित पीस विला गर्ल्स हॉस्टल (Peace Villa Girls Hostel) में रह रही सिवनी निवासी आदिवासी छात्रा कु. जूली उइके की 31 अक्टूबर 2026 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद परिजनों सहित आदिवासी समाज में शोक और चिंता का माहौल है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कर मौत की वास्तविक वजह सामने लाने की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जूली उइके पिता श्री शैलेंद्र उइके, निवासी सिवनी, इंदौर में रहकर अपने भविष्य के सपनों को साकार करने के लिए पढ़ाई कर रही थी। बताया जा रहा है कि 31 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच हॉस्टल के कमरे में उसका शव मिला था। परिजनों का आरोप है कि घटना की जानकारी उन्हें शाम करीब 6 बजे दी गई। सूचना देने में कथित तौर पर हुई 3 से 4 घंटे की देरी को लेकर परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं।

परिजनों ने आत्महत्या की आशंका पर जताया संदेह

मृतिका के परिजनों का कहना है कि जूली की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। परिजनों ने घटना को लेकर संदेह जताते हुए आत्महत्या की आशंका को स्वीकार नहीं किया है। उनका कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की आशंका या संदेह की गुंजाइश न रहे।

सीसीटीवी फुटेज और हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका की जांच की मांग

घटना के बाद हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। परिजनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने मांग की है कि हॉस्टल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित कर जांच की जाए। साथ ही घटना के समय हॉस्टल में मौजूद लोगों, प्रबंधन की भूमिका, मृतिका के मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड्स की भी नियमानुसार जांच कराई जाए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा करने की मांग की गई है।

सिवनी से इंदौर पहुंचे परिजन, न्याय की लगा रहे गुहार

घटना की सूचना मिलने के बाद मृतिका के परिजन सिवनी से इंदौर पहुंचे। बताया गया है कि शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल, धार रोड, इंदौर में रखा गया है। इस दुखद घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और प्रशासन से न्याय की मांग कर रहा है।

आदिवासी समाज और सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील

इस मामले को लेकर सामाजिक संगठनों, आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों, जागरूक युवाओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं से पीड़ित परिवार को संबल प्रदान करने की अपील की गई है। समाज के लोगों का कहना है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही या साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

परिजनों की प्रमुख मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की संलिप्तता या लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। जूली की मौत की वास्तविक वजह क्या है, परिवार को सूचना देने में देरी क्यों हुई और घटना के पीछे की परिस्थितियां क्या थीं, इन सभी सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।

नोट: घटना से जुड़े आरोप एवं संदेह परिजनों के कथन पर आधारित हैं। मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी।

रिपोर्टर—रवि कुमरे
Author: रिपोर्टर—रवि कुमरे

पत्रकार | सच की आवाज़

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